बारां (फिरोज खान)। पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए एक महिला व उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक राज कुमार चौधरी ने बताया कि 25 मई को रामदयाल पुत्र रेवडीलाल धोबी निवासी कृष्णविहार कॉलोनी छबड़ा ने एक रिपोर्ट दी थी जिसमें उसने बताया कि मेरे पांच लडक़े व दो लड़कियां हैं। लड्डू मेरे चौथे नंबर की संतान है। 24 मई को मेरे साले जमनालाल निवासी कृष्ण विहार कॉलोनी छबड़ा के घर महिला संगीत का प्रोग्राम था। मैं पत्नी और बेटे लड्डू और उसकी पत्नी मनभर बाई के साथ वहां गए थे। वहां से करीब रात 12 बजे घर आ गए। लडडू व उसकी पत्नी मनभर अपने मकान पर चले गए और मैं व मेरी पत्नी छोटे लडक़े अरविंद के मकान पर आ गए। सुबह लड्डू की पत्नी रोती हुई अरविंद के मकान पर आई और हा कि लड्डू उठ नहीं रहा है। इस पर मैं लड्डूलाल के घर पर गया तो देखा कि लड्डूलाल कमरे में पड़ा था और उसके सिर पर पीछे की तरफ खून निकल रहा था। उसे संभाला तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी थी। एसपी ने बताया कि इस पर जांच शुरू की गई। एसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी जिनेन्द्र कुमार जैन के निर्देशन व डिप्टी पूजा नागर छबड़ा के सुपरविजन में छबड़ा थानाधिकारी छुट्टनलाल एवं हेड कांस्टेबल सत्येन्द्र सिंह प्रभारी साइबर सेल बारां की टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्य व सूचना के आधार पर संदिग्ध आरोपी मनभर बाई से गहनता से पूछताछ की गई तो मनभर ने अपने प्रेमी ओमप्रकाश गाडरी निवासी बिंदाराडी थाना छबड़ा के साथ मिलकर पति लड्डूलाल की गला दबाकर हत्या करना स्वीकार किया। इस पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मनभर बाई ने बताया कि वह छबड़ा में झाडू -पोंछा का काम करती है और पति लड्डूलाल कपड़ों की दुकान पर प्रेस का काम करता था। करीब 2 साल पहले वह एक कपड़ा व्यवसायी के घर पर झाडू-पोंछा का काम करती थी और उसकी दुकान पर ओमप्रकाश काम करता था। ओमप्रकाश कपड़ा व्यवसायी के घर पर आता-जाता रहता था। इसी दौरान उससे उसकी जान-पहचान हुई और दोनों में प्रेम संबंध हो गए। उन दोनों के बारे में पति लड्डूलाल को जानकारी मिली तो उसने उसे फटकार दिया। इस पर उसने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 24 मई को पड़ोस में रिश्तेदारी में महिला संगीत का कार्यक्रम था तो उसने प्रेमी ओमप्रकाश को जानकारी दी कि वे एक कार्यक्रम में जा रहे है और तुम आकर मकान की छत पर छुप जाना। इस पर ओमप्रकाश मकान की छत पर छुप गया। उसके बाद मनभर और उसका पति रात करीब 12 बजे घर आकर सो गए। लड्डूलाल को नींद आने के बाद ओमप्रकाश छत से उतरकर कमरे में आया और मनभरबाई व ओमप्रकाश ने दोनों ने मिलकर लड्डूलाल के मुंह में कपड़ा भरकर साड़ी से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। उसके बाद ओमप्रकाश अपने गांव बिंदाराडी चला गया। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मनभर व उसके प्रेमी ओमप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया।